अनोखी

अनोखी: घर में झूला लगाते समय ध्यान रखें ये बातें तभी बढ़ेगी घर की रौनक

झूला, क्या हुआ नाम पढ़ते ही  बचपन याद आ गया? लेकिन यहां हम घर में झूले की बात कर रहे हैं, जो आपकी सजावट से लेकर शौक तक की सारी जरूरतों को पूरा कर सकता है। झूले को घर में लगाते समय किन बातों का रखें ध्यान, बता रही हैं दिव्यानी त्रिपाठी

जब मेरा घर होगा न, तो उसके एक कोने में हवाओं में हिलोरें खाता एक झूला भी होगा। उस पर कभी दादा-दादी की खट्टी-मीठी नोकझोंक होगी तो कभी वो मेरी तन्हाई का साथी बनेगा। कभी वो छोटी-मोटी मुलाकातों की रौनक बनेगा तो कभी वह जाने-अनजाने बचपन के सावन के किस्सों को याद दिला जाएगा। झूला, अकसर हमारे सपनों के आशियाने में दबे पांव दस्तक दे ही जाता है। पर जब यह सपना हकीकत हो रहा हो, तब उस आशियाने में झूला कहां और कैसे लगाना है, इसको समझना भी जरूरी है। फिर चाहे उसकी मजबूती हो, रंग हो या फिर डिजाइन। 

डिजाइन चुनें मैचिंग वाली-


अब जब आपने सपनों के कोने को सजाने की बात की है, तो उसको भी एकदम परफेक्ट बनाना तो बनता है। इस बाबत इंटीरियर डिजाइनर अंशु पाठक बताती हैं कि आपको अपने झूले की डिजाइन का चुनाव अपने फर्नीचर के वर्क के हिसाब से करना चाहिए। जैसे फर्नीचर एथनिक है तो झूला एथनिक डिजाइन का चुनिए और अगर आपका कमरा कार्विक वर्क फर्नीचर से सजा है तो झूला भी वैसा ही चुनिएगा।  

यूं चुनें रंग-


रंगों के साथ प्रयोग बच्चों का काम नहीं है। उसमें हुई जरा सी चूक पैबंद-सी नजर आती है। लिहाजा, झूले के रंग का चुनाव भी सोच-समझकर करना ही अक्लमंदी होगी। रंग का चुनाव कुछ बुनियादी बातों का ख्याल रखकर ही करना चाहिए। बकौल अंशु, रंग के साथ प्रयोग कमरे के आकार के हिसाब से करना चाहिए। यानी कमरा अगर छोटा है तो आपको पर्दे, सोफे के कपड़े के रंग को तरजीह देनी चाहिए। वहीं, बड़े कमरे के लिए आप अपनी मनपसंद रंग का झूला खरीद सकती हैं।  

मैटीरियल का रखें ध्यान-


झूले का मैटीरियल क्या होगा? इस जवाब का उत्तर पाने के लिए आपको खुद से एक और सवाल करना पड़ेगा। वह है कि झूला लगाना कहा है? कमरे में या फिर खुली जगह पर। अगर झूला इंडोर है तो उसे पानी, धूप, यूवी लाइट आदि का सामना नहीं करना पड़ता, जिसके चलते आपके पास कई विकल्प आ जाते हैं, जो आपके इंटीरियर को और निखार देते हैं। जैसे नेचुरल रोब वाले झूले, बेंत के झूले आदि। झूला अगर आउटडोर रखना है तो आपको बहुत अच्छी क्वालिटी वाले ऐसे झूले की जरूरत होगी, जो मौसम की मार झेल सके, ताकि आपका झूला सालोसाल चल सके। 

लकड़ी हमेशा से पोर्च झूलों के लिए लोकप्रिय रही है। आउटडोर झूले के लिए पाइन, ओक या फिर सागौन के झूले चुन सकती हैं। लकड़ी से इतर आप कुछ और विकल्प चाहती हैं तो आप गढ़े लोहे का झूला ले सकती हैं। इसका रख-रखाव भी किफायती होता है। अगर आप पर्यावरण प्रेमी हैं तो विदेशी लकड़ियों जैसे टीक से बचें, जो स्पष्ट कटाई वाले उष्णकटिबंधीय जंगलों से आती हैं। रीसाइकिल किए प्लास्टिक से बने झूले भी एक अच्छा विकल्प हैं। ऐसे पॉलीवुड से बने झूले पेड़ों को कटने से तो बचाते ही हैं, साथ ही प्लास्टिक कचरे की मात्रा को कम करते हैं। पोर्च स्विंग में अगर पेंट हो रहा हो तो, सुनिश्चित करें कि पेंट गैर विषैले हों।

झूला चुनें जगह के मुताबिक-


सिर्फ झूला लगाने की ख्वाहिश रखना ही पर्याप्त नहीं है। आपके आशियाने या फिर मनचाही जगह पर उसको लगाने के पहले आपके जेहन में उसके आकार का सवाल भी आना चाहिए। आपके कमरे में कितना बड़ा झूला अच्छा लगेगा, झूला खरीदने से पहले आपको यह बात भी मालूम होनी चाहिए।  आपको झूले के पीछे कम से कम तीन फिट की जगह और अगल-बगल 14 इंच की जगह छोड़नी है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही झूले की खरीदारी करें। यूं तो झूले का एक निर्धारित सामान्य आकार होता है, पर आप अपनी पंसदीदा आकार के लिए ऑर्डर देकर झूला बनवा भी सकती हैं।

बातें कुछ जरूरी वाली-


-झूले में आपकी हिफाजत भी मायने रखती है। लिहाजा, झूले का चुनाव करते वक्त उस पर बैठने वालों का औसत वजन भी ध्यान में रखें। 


-झूले की ऊंचाई भी मायने रखती है। वो न तो ज्यादा ऊंचा होना चाहिए और न ही ज्यादा नीचा। 


-झूले का चुनाव आप जरूरत के मुताबिक कर सकती हैं। जैसे आप गुजराती पैटर्न वाले झूले को अपना सकती हैं, जो दिन भर झूले के तौर पर काम करेगा और रात में बिस्तर बन जाएगा।

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