ऋषिकेश

ऋषिकेश: उत्तराखंड में दो महीने से रुके इटली और फ्रांस के 50 नागरिकों को दिल्ली भेजा गया, 30 की कोई जानकारी नहीं

उत्तराखंड में बीते दो महीने से ठहरे इटली और फ्रांस के करीब 50 नागरिकों को दिल्ली ले जाया गया। वे सभी अपने संबंधित दूतावास जाएंगे। बताया जा रहा है कि इटली और फ्रांस से ये लोग योग व अध्यात्म सीखने के लिए यहां आए थे। सभी विदेशी नागरिक लक्ष्मणझूला और तपोवन स्थित होटल और योग केंद्र में करीब दो-ढाई महीनों से रुके हुए थे।

कोरोना वायरस के चलते वह अपने देश लौटने से इनकार कर रहे थे। यही वजह है कि फ्रांस और इटली के दिल्ली स्थित दूतावास ने अपने नागरिकों को सुरक्षित उनके देश पहुंचाने की व्यवस्था की है। संबंधित दूतावास की ओर से लक्ष्मणझूला, तपोवन में ठहरे विदेशी नागरिकों को दिल्ली लाने की व्यवस्था केटीसी प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। गुरुवार को केटीसी की दो बसें ऋषिकेश संयुक्त यात्रा रोडवेज बस अड्डा परिसर पहुंची। संबंधित कंपनी के कर्मचारी दूतावास से मिली सूची के आधार पर लक्ष्मणझूला और तपोवन में ठहरे विदेशी नागरिको को टैक्सी से लेकर बस अड्डे आए।

सूची के मुताबिक विदेशी नागरिकों के नाम पते दर्ज कर बसें दिल्ली रवाना हुई। केटीसी प्राइवेट लिमिटेड कर्मी शकील नवाब और नदीम खान ने बताया कि दिल्ली स्थित फ्रांस और इटली दूतावास से करीब 80 विदेशी नागरिकों की सूची मिली थी, लेकिन यहां 50 विदेशी ही मिले हैं। बताया कि 38 विदेशियों को दो बसों और 12 विदेशियों को तपोवन से मिनी बस से दिल्ली ले गए हैं।

30 विदेशी आखिर गए कहां?


केटीसी प्राइवेट लिमिटेड को दिल्ली स्थित फ्रांस और इटली के दूतावास से दोनों देशों के करीब 80 नागरिकों की सूची सौंपी थी। कंपनी कर्मियों के मुताबिक लक्ष्मणझूला, तपोवन से 50 विदेशी नागरिक ही मिले हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों ही देशों के 30 विदेशी कहां गए। स्थानीय अभिसूचना इकाई की माने तो क्षेत्र में कोरोना वायरस से पहले आए कई विदेशी अभी भी यहां ठहरे हुए हैं, जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। संबंधित दूतावास स्थानीय अभिसूचना इकाई से संपर्क नहीं करती। ऐसे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

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