राष्ट्रीय ख़बरें

देश: घर लौटे ओडिशा के मजदूरों ने टेंट और स्कूल में क्वारंटाइन होकर पेश की मिसाल

कोरोना वायरस एक तरफ जहां तेजी से फैल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बाहर से आए लोग क्वरंटाइन से बचकर न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे है। इस बीच, ओडिशा के मजदूरों ने वापस अपने गांव आकर खुद को जिस तरह एकांतवास में रखा, उसने और लोगों के लिए भी मिसाल पेश की है।

कालाहांडी जिले के कुम्भरापिपिलीगुडा गांव के रहने वाले भजमन नायक जब अन्य 11 लोगों के साथ 21 मार्च को केरल के त्रिशुर से अलप्पुझा-धनबाद एक्सपेस से चले थे तब उन लोगों ने शायद ही सोचा होगा कि एक और मुश्किल घड़ी उन सभी का इंतजार कर रही है।

नायक त्रिशुर एक पटाखा फैक्ट्री में साल 2012 से काम कर रहा था लेकिन राज्य में कोरोना वायरस का केस शुरू होने के बाद फैक्ट्री के मालिक ने काम बंद कर दिया। नायक ने बताया कि हालांकि हमारे जिले में कोई कोरोना का पॉजिटीव केस नहीं आया था लेकिन फैक्ट्री मालिक ने वापस ओडिशा जाने को कहा।

उसने बताया कि 12 तारीख को कालाहांडी के केसिगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद मेडिकल जांच के लिए ऑटो रिक्शा लेकर जयपटना के सरकारी अस्पताल गए।

पिछले कुछ दिनों में अपने राज्य वापसी करने वाले करीब 8,400 कामगारों मे एक भजमन ने बताया कि हालांकि कोई लक्षण नहीं दिखा था उसके बावजूद डॉक्टर ने बताया कि वे एकांतास में चले जाएं।

उसके बाद भजमन और अन्य बाकी 11 श्रमिकों को जब पता चला कि स्थानीय अस्पताल या पंचायत स्तर पर कोई क्वारंटाइन की सुविधा नहीं हो तो उन लोगों में से ही किसी एक ने यह सुझाव दिया कि अपने घरों से 200 मीटर की दूरी पर रहें।

22 मार्च को भजमन समेत सभी 12 लोगों ने खेत में टेंट लगाकर 2 दिन वहीं रुके और उसके बाद गांव के पास की स्कूल बिल्डिग में चले गए। भजमन ने बताया कि जिस वक्त हम टेंट में ठहरे थे तो ऐसा डर लग रहा था कि कही से कोई सांप न आ जाए। इसलिए हम स्कूल की बिल्डिंग में चले गए। लेकिन, वहां भी खाने की दिक्कत थी, इसलिए वापस घर आकर और बाकी परिवार के लोगों से खुद को एक कमरे में अलग रखा।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker