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देश: ट्रंप का भारत दौरा: भारत-अमेरिका के बीच हो सकते हैं डिफेंस डील समेत ये 5 करार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे का आज दूसरा और आखिरी दिन है। आज डोनाल्ड ट्रंप, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापार, रक्षा और निवेश समेत कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे। साथ ही शिखर बैठक में दोनों देशों के बीच पांच समझौते किए जाने की तैयारी हो रही है। इनमें करीब 25 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। इसके अलावा, अफगानिस्तान में तालिबान के साथ प्रस्तावित शांति समझौता तथा हिंद प्रशांत क्षेत्र में स्थिति, शामिल होने की भी उम्मीद है।

अधिकारियों की मानें तो ट्रंप के यात्रा के दौरान आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में करार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों देशों के बीच 2018 में आपसी व्यापार 142 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था जिसमें और प्रगति होने की संभावना है। 

कम से कम पांच समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर


डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान कम से कम पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की तैयारी हो रही है लेकिन यात्रा का मुख्य ध्यान द्विपक्षीय समझौतों की बजाय अमेरिकी नेतृत्व के सामने भारत की सदियों पुराने सांस्कृतिक वैविध्य एवं वैभव के साथ लोकतंत्र की ताकत प्रदर्शित करने पर होगा जिससे दोनों देशों की वैश्विक रणनीतिक साझेदारी और सशक्त होगी।

25 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना


सरकारी सूत्रों के अनुसार शिखर बैठक में दोनों देशों के बीच पांच समझौते किये जाने की तैयारी हो रही है। इनमें करीब 25 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की रक्षा संबंधी समिति ने हाल ही में नौसेना के लिए 24 रोमियो मल्टीमिशन हेलीकॉप्टर, वायुसेना के लिए छह अपाचे युद्धक हेलीकॉप्टर और छह पी 8 आई समुद्री टोही विमान खरीदने के सौदों को मंजूरी दी है। इनकी आपूर्ति 2023-24 तक होने की संभावना है। इसके अलावा ट्रंप मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत एफ-18, एफ-15 ईएक्स अथवा एफ-16 का उन्नत  संस्करण एफ-21 संयुक्त रूप से बनाने का प्रस्ताव भी कर सकते हैं। दोनों देशों ने रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार पहल (डीटीटीआई) के तहत सात परियोजनाओं को चिह्नित किया है।

एच1बी वीजा को लेकर भारत की चिंताओं पर भी हो सकती है बातचीत


सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों ने फैसला किया है कि इस करार पर हड़बड़ी नहीं की जाएगी। इस पर स्वाभाविक गति से सहमति बनने दी जाएगी और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से सहमति कायम होने पर हस्ताक्षर किये जाएंगे। हम इसके लिए कोई तारीख तय नहीं करना चाहते हैं। बैठक में प्रवासी भारतीयों खासकर पेशेवर युवाओं के लिए एच1बी वीजा को लेकर भारत की चिंताओं, आंतकवाद से मुकाबले, अफगानिस्तान की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा आदि पर भी चर्चा होने की संभावना है। 

सूत्रों ने कहा कि इस यात्रा को संबंधों में एक खास स्तर की परिपक्वता आने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए जो दो बड़े लोकतंत्रों के नेताओं के बीच नियमित बैठकों तथा दोनों देशों के बीच सहजता बढ़ने के कारण आई है। दोनों नेताओं ने निजी तौर पर इस रिश्ते को प्रगाढ़ बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति की ऐसी पहली भारत यात्रा है जिसमें वह केवल भारत आ रहे हैं और यहीं से स्वदेश लौट जाएंगे। भारत के साथ संबंधों को प्रशासन से लेकर संसद तक पक्ष-विपक्ष दोनों दलों का राजनीतिक समर्थन हासिल है।

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