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देश: बिहार: कोरोना के कहर के बीच राजधानी पटना में अब फैल रहे बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारी शुरू

कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच ही राजधानी में बर्ड फ्लू के संक्रमण की भी आशंका बन गई है। खासकर शहर के विभिन्न इलाकों में मरे कौवों और पक्षियों की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद इस बात को बल मिला है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले जंगली पक्षी की श्रेणी में आने वाले कौवे में इस बीमारी का पता चला। इसके बाद शहर के अशोकनगर और पड़ोसी जिले नालंदा के कतरी सराय के सैदपुर गांव में एक पोल्ट्री फॉर्म में जांच के बाद बर्ड फ्लू का पता चला। इसके बाद वेटनरी ऑफिसरों ने माना कि राजधानी में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। 

संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने के बाद यह रोग मनुष्यों में भी फैल जाता है। खास बात यह कि देश में इस वर्ष कहीं भी बर्ड फ्लू के संक्रमण की बात सामने नहीं आई है। पटना इस मामले में पहला शहर है। इस जानकारी के बाद केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। बर्ड फ्लू का फैलाव दूसरे शहरों या अन्य क्षेत्रों में नहीं हो, इसके लिए सघन सैनेटाइजेशन का काम होगा। उसकी रणनीति बनाई गई है। 

प्रभावी क्षेत्र के 1 किलोमीटर के दायरे में सामूहिक कीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी। क्षेत्र में पोल्ट्री फॉर्म में मौजूद मुर्गियों को मारा जाएगा। वैसे सारे काम की गाइडलाइन केंद्र सरकार देगी। सरकार की हिदायत के बाद ही दोनों स्थानों पर कार्यवाही की जाएगी। वेटनरी डॉक्टरों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों को सर्विलांस पर रखा है। दवाओं का छिड़काव भी हो चुका है। वेटनरी डॉक्टरों की तीन टीमें गुरुवार से तैयार हैं। उन्हें बस केंद्र सरकार के आदेश का इंतजार है।

मुर्गे-मुर्गियों को मारने के मामले में फैसला एवं तरीका केंद्र सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से होगा। विभाग ने इसकी तैयारी अपने स्तर से पूरी कर ली है। मालूम हो कि बर्ड फ्लू भी अत्यंत संक्रामक वायरस जनित रोग है‌। इसका असर आम लोगों एवं मुर्गी व्यवसाय पर पड़ता है। वायरस से बीमार या संक्रमित मुर्गे-मुर्गियां और चूजे मर जाते हैं। इसका भारी आर्थिक नुकसान होता है।

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू 


बीमार पक्षी के बीट, म्यूकस और कभी-कभी तो पंखों के संपर्क में आने पर भी संक्रमण फैल जाता है। संक्रमित मनुष्य को तेज बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना शुरू हो जाता है। इस तरह के लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर इसका वायरस नष्ट होता है। इसलिए अंडा या चिकन 70 डिग्री सेल्सियस पर पकाकर खाना चाहिए। 

पशुपालन विभाग ने एडवाइजरी जारी की 


पशुपालन विभाग ने इस मामले में एडवाइजरी भी जारी कर दी है। विभाग के अनुसार लोगों को बीमार मुर्गियों के संपर्क में आने से बचना चाहिए। इस तरह का कार्य करने वाले को दस्ताना पहनना चाहिए। पंख आदि छूने पर साबुन से हाथ धोना चाहिए। फिर भी यदि बाड़े में रखी मुर्गियां संक्रमित हो जाएं तो उन्हें दफनाने की प्रक्रिया है। ऐसे पक्षी के मल मूत्र, पंख ,दूषित पानी से भी अन्य पक्षियों में बीमारी फैल जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार बर्ड फ्लू से वैसे वर्तमान माहौल में घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि अभी सभी लोग खुद अपने घरों में कैद हैं। आवाजाही बंद है। ऐसे में बर्ड फ्लू के प्रसार की संभावना नगण्य है।

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