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देश: CAA पर बंगाल में PM मोदी बोले- ‘जो गांधी ने कहा था, मैं वही कर रहा हूं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हैं। बेवूर मठ में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने नागरिकता कानून को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी। साथ ही कहा कि मैं तो वही कर रहा हूं, जो गांधी ने कहा था। राजनीति करने वाले कुछ लोग समझना नहीं चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर वहां की सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया और कहा कि अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उन्हें जवाब देना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि सिटिजनशिप एक्ट, नागरिकता लेने का नहीं, नागरिकता देने का कानून है और सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट, उस कानून में सिर्फ एक संशोधन है। साथ ही कहा कि इतनी स्पष्टता के बावजूद, कुछ लोग सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। मुझे खुशी है कि आज का युवा ही ऐसे लोगों का भ्रम भी दूर कर रहे हैं।

PM Modi: I repeat again, Citizenship act is not to revoke anyone’s citizenship, but it is to give citizenship. After independence, Mahatma Gandhi ji and other big leaders of the time all believed that India should give citizenship to persecuted religious minorities of Pakistan pic.twitter.com/UFyC0MsnDe

— ANI (@ANI) January 12, 2020

साथ ही पीएम ने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह दूसरे धर्म के लोगों पर अत्याचार होता है, उसे लेकर भी दुनिया भर में आवाज हमारे युवा ही उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा जोश, युवा ऊर्जा ही 21वीं सदी के इस दशक में भारत को बदलने का आधार है। नए भारत का संकल्प, आपके द्वारा ही पूरा किया जाना है। ये युवा सोच ही है जो कहती है कि समस्याओं को टालो नहीं, उनसे टकराओ, उन्हें सुलझाओ। 

PM Narendra Modi in Belur Math: You understood this very clearly. But those playing political games purposely refuse to understand. People are being misled over the #CitizenshipAmendmentAct . #WestBengal pic.twitter.com/IK3u3NRtTA

— ANI (@ANI) January 12, 2020

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमें हमेशा याद रखनी होगी जब वो कहते थे कि ‘अगर मुझे सौ ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो मैं भारत को बदल दूंगा।’ यानी परिवर्तन के लिए हमारी ऊर्जा, कुछ करने का जोश ही आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पिछली बार जब यहां आया था तो गुरुजी, स्वामी आत्मआस्थानंद जी के आशीर्वचन लेकर गया था। आज वो शारीरिक रूप से हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं। लेकिन उनका काम, उनका दिखाया मार्ग, रामकृष्ण मिशन के रूप में सदा हमारा मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।


 

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