नैनीताल

नैनीताल: युवाओं को सुधारने का माध्यम बन सकता है लाक डाउन

समाज में अत्याधुनिकता की दौड़ में ज्यादा पैसा कमाने की ललक, बुजुर्गों से विघटित परिवार, माता-पिता दोनों की ओर से रुपया कमाने के चलते बच्चों पर ध्यान न देने, उन्हें आवश्यकता से अधिक रुपये देने, बच्चों के एकांत में रहने समेत तमाम कारणों के चलते समाज में नशे खासकर स्मैक का प्रचलन बढ़ा है। नशे के बढ़ते प्रचलन से कई घरों के युवा भटक चुके हैं।

कोरोना सक्रमण के दौर में किया गए लाक डाउन से इस तरह के कारोबार पर भी अंकुश लगा है। अभिभावक भी बच्चों के साथ घर पर रह रहे हैं। बच्चे भी अपने दोस्तों आदि में नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में जिन घरों के युवा भटक चुके हैं वह भी मजबूरी में घरों में कैद है। ऐसे में भटक चुके युवाओं के अभिभावकों के पास समय है कि वह अपने बच्चों को प्यार दुलार से समझाए। 21 दिन के लाक आउट में वह इससे दूर हुआ, कुछ दिन युवा इससे और दूर रहा तो अत्यधिक संभावनाएं हैं कि कई लोगों के घर उजड़ने से बच जाए।

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