रुड़की

रुड़की: बद्रीनाथ से दो सौ किलोमीटर पैदल लक्सर पहुंचे छह मजदूर

बद्रीनाथ में काम कर रहे 6 बिहारी मजदूर लॉकडाउन में पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। करीब दो सौ किलोमीटर चलकर वे लक्सर पहुंचे, पर इसके बाद उन्हें जीआरपी ने रोक दिया। बाद में उनका मेडिकल कराया गया, जिसमे सभी स्वस्थ पाए गए। मजदूरों को फिलहाल नगरपालिका के रैन बसेरे में रखा गया है।

पश्चिमी चंपारण (बिहार) के मुफस्सिल बेतिया थाना क्षेत्र के बिशंभरपुर गांव निवासी सेफुलाल पुत्र इस्लाम अंसारी, राकेश पटेल पुत्र मनेन पटेल, शमीम अंसारी पुत्र अहमद अंसारी, झुन्ना पटेल पुत्र चंदू पटेल, आफताब आलम पुत्र मुमताज अंसारी व नोशाद अंसारी पुत्र अहमद अली निवासी जामदार टोला पिछले कई साल से बद्रीनाथ के पांडूकेश्वर मंदिर में रहकर उसकी मरम्मत आदि का काम करते हैं। 22 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा हुई तो उन्होंने घर जाने की सोची। कोई सवारी न मिलने पर वे पैदल ही वहां से चल दिए। काफी दूर जाने पर उन्हें एक तेल के टैंकर में लिफ्ट मिली, पर टैंकर भी ऋषिकेश में तेल उतारकर वापस चला गया। इसके बाद सभी छह लोग लगभग दो सौ किलोमीटर का पैदल सफर करके लक्सर तक तो पहुंच गए, पर इसके बाद रेलवे ट्रैक से होकर जाने पर उन्हें जीआरपी के सिपाहियों ने रोक दिया। मजदूरों से जानकारी मिलने पर एसओ जीआरपी सुभाषचंद्र ने एसडीएम से बात की। करीब एक हजार किलोमीटर के पैदल सफर की बात पर एसडीएम ने अचंभा जताते उन्हें लक्सर में रोकने के आदेश दिए। इसके बाद सीएचसी के डॉक्टरों ने उनका मेडिकल किया। मेडिकल में सभी स्वस्थ पाए गए। एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि सभी छह लोगों को नगरपालिका के रैन बसेरे में रोका गया है। उन्हें समय खाना पीना मुहैया कराया जा रहा है।

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