रुड़की

रुड़की: मेरठ से रुड़की तक पैदल पहुंचे चाचा भतीजे

लॉकडाउन के चलते वह लोग परेशान हैं जो कहीं फंसे हुए हैं। चाचा-भतीजा मेरठ से पैदल रुड़की की 110 किलोमीटर की दूरी तय कर गुरुवार को पहुंचे। कहीं वह रास्ते में लुटे तो कहीं उन्हें मदद मिली। रुड़की में पुलिस की नजर उन पर पड़ी तो पुलिस कर्मियों ने दोनों को खाना खिलाया।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन के आदेश हो चुके हैं। लॉकडाउन के चलते मजदूर तबके का रोजगार खत्म हो चुका है। मजदूर तबके का आदमी वापस अपने घरों को पैदल ही रुख करने लगा है। ऐसे ही मेरठ में मजदूरी करने वाले चाचा भतीजे काम बंद होने पर मेरठ से पैदल ही धनौरी अपने घर को पैदल निकल पड़े। जो कि गुरुवार को रुड़की पंहुचे।

धनौरी निवासी चाचा भतीजों के पैर में चप्पल तक नहीं थे। इस दौरान गणेशपुर पुल पर तैनात पुलिस कर्मी करुणा पंवार और अरुणा सैनी की नजर चाचा भतीजे पर पड़ी। उनके खाने की व्यवस्था की गई। दोनों ने बताया कि तीन दिन में भूखे प्यासे मेरठ से रुड़की तक की करीब 110 किलोमीटर की दूरी तय की। पुलिस कर्मियों ने दोनों को उनके घर तक जाने की व्यवस्था भी की। उनके पांवों में चप्पल भी नहीं थी। बताया कि चप्पल रास्ते में टूट गई। बताया कि जेब में जो पैसे थे वह किसी ने रास्ते में छीन लिए। मेयर गौरव गोयल ने उनकी आर्थिक सहायता की। नगर निगम के लिपिक बिटटू शर्मा ने उनके लिए चप्पल की व्यवस्था की।

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